क्या रिश्ता है हमारा ?
क्यूं बन गया है तू मेरा सहारा ।।
कोन लगती हूं में तेरी ।
कैसे समझ पाते हो तुम परेशानी मेरी ।
कोन है तू !
क्यूं आय हो मेरी जिंदगी में ।
कभी बहार बनके आते हो ।
तो कभी आंसू बनकर आते हो ।।
क्यूं बार बार मुझे रुलाते हो ।
बीता हुआ कल हो ,
या आनेवाला कल हो ।
बताओ कोन है तू ?
क्या है तू और क्यूं हो तुम !!!
दुर्गा मते
अप्रतिम सुंदर
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