इस रूह को
अब तेरी तलाश क्यूं , जानती नहीं ,
तेरे आने का इंतजार मै करती हूं ।
तेरे खयालों में , मै खो जाती हूं ।
अक्सर तुझे पाने की कोशिश करती हूं ।।
तस्वीर तेरी आंखो में सजी ।
फिर भी इस दिल क्यू है नाराजगी ।।
जानती नहीं ।।
सजना संवरना तेरे लिए सीख रही हूं ।
तेरे आखों में , मै खो जाना चाहती हूं ।।
क्या कबुल है तुम्हे , मेरे लिए जीना और मरना ।
करना चाहते हो आप फिर से ,
मुझ से वहीं मोहब्बत ।।
करोगे क्या ? आप मेरे प्यार का सम्मान !
दिल से ।।
दुर्गा मते
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