जिंदगी की क्वाइश अभी भी बाकी है ।
इस दिल को , आज भी तेरी चाहत है ।।
किस्मत की लकीर में तू ना थी ।
फिर भी तेरी तस्वीर मेरे आखों में सजी है ।।
एक गहरी याद तेरी ।
जिंदगी बन गयी है मेरी ।।
जीने की मंजिल मैंने खोई थी ।
किस्मत अश्ची - भगवान ने फिर से जीने की राह दिखाई ।।
एक नए मोड़ पर , फिर भगवान ने ।
मुझे तुमसे मिलाया ..और मिलके भी तुझसे ,
मै जुदा हो गया ।।
जुदा होने के बाद ।
एक राझ दिल में छुपाया ।।
और उस राझ को ही ।
प्यार से पाल रहा हूं ।।
जिंदगी की जो क्वाइश बाकी है ।
वो धीरे - धीरे पूरी करने की कोशिश कर रहा हूं ।।
दुर्गा मते
No comments:
Post a Comment
Comments plz.