इस दिल को तेरी आदत हो गई है ।
मेरी आखों की तू ही चाहत है ।।
न देखती हूं जब तुझे ।
मेरी सांसे मुझसे ही अलविदा होती हैं ।।
जब तुम मुझसे आते नहीं हो मिलने ।
तब तक हो जाती हूं मैं बेचैन ।।
क्या बताऊं तुझे क्या हाल है इस दिल का ।
हरपल में करती हूं इंतजार तेरे लफ्जो का ।।
तू जब आता है तब खुशी के तोफे लेकर आता है ।
मेरे आखों के आसू मुझसे छी न कर ले जाता हैं ।।
इस लिए तो मुझे हरपल तेरा इंतजार रहता है ।
तू मेरी खुशी का खजाना है ।।
मेरी दर्द की दवा है ।।
बहुत बढिया लिखा आपने ✍️👌👌
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